वैभव लक्ष्मी व्रत: महत्व, विधि, नियम और लाभ | Vaibhav Lakshmi Vrat in Hindi

वैभव लक्ष्मी व्रत: महत्व, विधि, नियम और लाभ | Vaibhav Lakshmi Vrat in Hindi

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Vaibhav Laxmi Vrat 2025 | 2025 वैभव लक्ष्मी व्रत तिथि, महत्व, पूजा विधि, कथा और नियम वैभव लक्ष्मी व्रत 2025 कब है?

हिंदू धर्म में वैभव लक्ष्मी व्रत का विशेष महत्व माना गया है। हर शुक्रवार के दिन यह व्रत किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार यदि इस व्रत की शुरुआत शुक्ल पक्ष के पहले शुक्रवार से की जाए तो सबसे शुभ फल प्राप्त होते हैं।

ध्यान रखें कि जब गुरु या शुक्र अस्त हों तो इस व्रत की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। विशेष रूप से माघ माह के शुक्रवार से आरंभ किया गया वैभव लक्ष्मी व्रत अत्यंत फलदायी होता है।

वैभव लक्ष्मी व्रत का महत्व (Vaibhav Lakshmi Vrat Importance)

माता लक्ष्मी के आठ स्वरूप होते हैं। वैभव लक्ष्मी व्रत में विशेष रूप से धन लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

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इस व्रत के मुख्य लाभ:

  • धन व समृद्धि की प्राप्ति
  • विवाह में आने वाली बाधाओं का निवारण
  • व्यापार और नौकरी में उन्नति
  • संतान सुख की प्राप्ति
  • पति की दीर्घायु और दांपत्य सुख में वृद्धि

वैभव लक्ष्मी व्रत कौन कर सकता है?

  • विवाहित महिलाएं
  • अविवाहित कन्याएं
  • पुरुष
  • युवा लड़कियां
  •  अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु कोई भी व्यक्ति यह व्रत कर सकता है।




वैभव लक्ष्मी व्रत आरंभ करने का सही समय

  • शुक्रवार को ही व्रत करना अनिवार्य है।
  • आरंभ करने के लिए माघ या कार्तिक माह सर्वश्रेष्ठ हैं।
  • यदि संभव हो तो शुक्ल पक्ष का पहला शुक्रवार चुनें।
  • पीरियड्स या यात्रा के समय व्रत न करें।

वैभव लक्ष्मी व्रत की संख्या (Kitne Vrat Karein?)

श्रद्धालु अपनी इच्छा के अनुसार 9, 11, 21 या 51 शुक्रवार व्रत कर सकते हैं।

ध्यान दें: व्रत को आवश्यकता से अधिक लंबा न खींचें, उचित समय पर उद्यापन करना ही श्रेष्ठ है।

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वैभव लक्ष्मी व्रत पूजा की तैयारी और सामग्री

  • लाल कपड़ा
  • मां वैभव लक्ष्मी की प्रतिमा
  • श्री यंत्र (अत्यंत आवश्यक)
  • लाल फूल (विशेषकर गुलाब)
  • धूप, दीपक, रोली, चावल
  • तांबे या चांदी का लोटा व कटोरी
  • प्रसाद (मिठाई/फल)

पूजा विधि (Puja Vidhi)

  • प्रातः स्नान कर साफ लाल/पीले वस्त्र पहनें।
  • चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर प्रतिमा और श्री यंत्र स्थापित करें।
  • दीपक जलाकर धूप करें और लाल फूल चढ़ाएं।
  • संकल्प लें – कितने शुक्रवार व्रत करेंगे और किस उद्देश्य से।
  • घर की महिलाओं के साथ मिलकर कथा पाठ करें।
  • आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

व्रत में आहार (Vaibhav Lakshmi Vrat Food)

  • केवल सात्विक भोजन और फलाहार ही ग्रहण करें।
  • फल: सेब, केला, अमरूद, संतरा, अंजीर
  • अनाज: साबूदाना, सिंघाड़ा आटा, कटहल
  • डेयरी: दूध, दही, पनीर
  • अन्य: बाजरा, सोया, जौ


वैभव लक्ष्मी व्रत मंत्र

बीज मंत्र:

 ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।

कवच मंत्र:

 ॐ ह्रीं श्रीं वैभव लक्ष्म्यै नमः।

साथ ही, माता सरस्वती और लक्ष्मी स्तुति का पाठ करना भी उत्तम माना जाता है।

वैभव लक्ष्मी व्रत पूजा विधि, कथा और उद्यापन | Vaibhav Lakshmi Vrat 2025

कवच मंत्र:

ॐ ह्रीं श्रीं वैभव लक्ष्म्यै नमः।

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।

या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।

या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता।

सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा।

उद्यापन विधि (Udyapan Vidhi)

  • लाल कपड़े पर प्रतिमा व श्री यंत्र स्थापित करें।
  • धूप, दीपक, चावल और लाल फूल अर्पित करें।
  • कथा व संकल्प के बाद भोग लगाएं।
  • प्रसाद बांटकर व्रत संपन्न करें।

वैभव लक्ष्मी व्रत के लाभ (Benefits)

  • आर्थिक प्रगति
  • मनोकामना पूर्ति
  • घर-परिवार में सुख-शांति
  • पति-पत्नी में प्रेम व सौभाग्य
  • आत्मिक संतोष और मानसिक शांति

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FAQs 

Q1: वैभव लक्ष्मी व्रत कब शुरू करें?

Ans: शुक्ल पक्ष के पहले शुक्रवार से, विशेषकर माघ या कार्तिक माह में।

Q2: कितने शुक्रवार व्रत करें?

Ans: 9, 11, 21 या 51, श्रद्धा और सामर्थ्य अनुसार।

Q3: व्रत का मुख्य उद्देश्य क्या है?

Ans: माता लक्ष्मी की कृपा से धन, वैभव, समृद्धि और सुख-शांति प्राप्त करना।

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