जापान के लोग इतने फिट क्यों रहते हैं? जानें 5 रहस्य

 why are the people of Japan so healthy . Top 7 Healthy Japanese Habits . जापान के लोग इतने स्वस्थ क्यों होते हैं? जानिए रहस्य


  • जापानी लोगों की सेहत का रहस्य

क्या आपको पता है कि दुनिया में सबसे ज्यादा जापान के लोग लंबी उम्र जीते हैं। जापान में लोगों की औसम आयु भी 80 साल के ऊपर है और वहां आपको कई ऐसे लोग मिल जाएंगे जो कि 100 साल या इससे ज्यादा उम्र के हैं। दरअसल, इन सबका कारण हैं उनकी हेल्दी आदतें है। जापानी लोगों की दिनचर्या जो कि सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। इतना ही नहीं उनकी स्किन और बाल भी जीवन के अंत तक खूबसूरत रहते हैं। तो, आइए जानते हैं जापान के लोग ज्यादा क्यों जीते हैं और जापान एक ऐसा देश है जहाँ लोग न केवल लंबे जीवन जीते हैं, बल्कि बुज़ुर्ग अवस्था में भी काफी स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर रहते हैं। जापान की जीवन प्रत्याशा दुनिया में सबसे अधिक है। इसके पीछे उनका खानपान, जीवनशैली और सोच बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं।

people of Japan so healthy :जापानी लोग अपनी डाइट में ज्यादातर सी फूड को शामिल करते हैं। सी फूड ओमेगा-3 फैटी एसिड का बेहतर स्त्रोत होते हैं, जो हेल्दी फैट का एक प्रकार होता है। इससे दिल को स्वस्थ रखने और सूजन आदि कम करने में काफी मदद मिलती है। इसलिए वे सुशी आदि में फिश डालकर खाना पसंद करते हैं।

Hara Hachi Bu : 80% पेट भरने तक खानाजापान के ओकिनावा क्षेत्र में एक परंपरा है – "हारा हाची बु", जिसका मतलब है कि जब आपका पेट 80% भर जाए, तो खाना बंद कर दें। इससे पाचन सही रहता है, मोटापा नहीं बढ़ता और  शरीर पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता। यह आदत उनके स्लिम शरीर और लंबी उम्र के पीछे एक बड़ा कारण है।

Matcha Green Tea पीते हैं जापान के लोग : माचा ग्रीन टी हर किसी के लिए फायदेमंद है। इसमें पॉलिफेनॉल्स की अच्छी मात्रा होती है जो कि वेट लॉस में मददगार है। साथ ही ये शरीर में टॉक्सिन्स को साफ करता है और फिर पेट और लिवर के काम काज को बेहतर बनाता है। इसलिए आपको भी माचा ग्रीन टी पीना चाहिए। 

 मीठा नहीं खाते : जापान के लोगों की लंबी उम्र का सबसे बड़ा कारण ये है कि यहां के लोग मीठा नहीं खाते। इससे उनका शरीर डायबिटीज जैसी बीमारियों से बचा रहता है। इसके अलावा भी शरीर मोटापा और दिल की बीमारियों से भी बचा रहता है। जापान में लोग कार्बोहाइड्रेट से भरपूर चीजों का सेवन कम करते हैं। इसकी जगह प्रोटीन से भरपूर सब्जियों, सीड फूड और हर्ब्स का सेवन ज्यादा करते हैं। इससे वो एक लंबी उम्र जीते हैं और बीमारियों से बचे रहते हैं। तो, बस हेल्दी रहना है तो आप भी जापान के लोगों की इन हेल्दी आदतों को अपना लें।

सुबह जल्दी उठना : जापान में, जिसे अक्सर उगते सूरज की भूमि कहा जाता है, वहां जल्दी उठना एक व्यापक प्रथा है। बहुत से लोग अपने दिन की शुरुआत सूर्योदय से करते हैं और यही आपको स्ट्रेस फ्री जीवन जीने में मददगार है। जल्दी उठने, सुबह के सूरज के संपर्क में आने से, आपकी प्राकृतिक घड़ी रीसेट हो जाएगी और दिनभर एनर्जी बनी रहती है।

 छोटी प्लेटों का प्रयोग करना : खाना खाने के लिए छोटी प्लेटों का प्रयोग करें। जापान के लोग छोटी प्लेटों का उपयोग करते हैं जो लगभग चार से छह इंच आकार की होती हैं। इसी के जरिए जापानी लोग अपने भोजन की मात्रा को सीमित करते हैं। यानी कम खाएं और लंबे समय तक जीवित रहें।   

 संतुलित और मौसमी आहार :
जापानी भोजन में ताजे, मौसमी और स्थानीय रूप से उगाए गए खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दी जाती है। उनका भोजन आमतौर पर होता है:चावल, मछली, समुद्री शैवाल (seaweed), सब्जियाँ
कम वसा और कम चीनी : ग्रीन टी और सोया प्रोडक्ट्स जैसे टोफू ये सभी तत्व शरीर को पोषण तो देते ही हैं, साथ ही बीमारियों से भी बचाते हैं।

 दैनिक शारीरिक गतिविधियाँ : जापानी लोग बहुत सक्रिय रहते हैं:वे बहुत चलते हैं (Walking Culture)साइकिल का अधिक प्रयोग करते हैं Yoga या Tai Chi जैसी मानसिक-शारीरिक क्रियाएँ करते हैं यह सब उन्हें शारीरिक रूप से फिट और मानसिक रूप से शांति में बनाए रखता है।

 Ikigai – जीवन का उद्देश्य :
"Ikigai" एक जापानी शब्द है, जिसका अर्थ है – "जीवन जीने की वजह"। जापानी लोग हर दिन एक उद्देश्य के साथ जीते हैं, चाहे वह छोटा ही क्यों न हो। इसका सीधा असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है और यह तनाव कम करता है।
तनाव रहित जीवनशैली और ध्यान (Zen Culture) : जापानी संस्कृति में ध्यान (Meditation) और आत्म-संयम को उच्च स्थान प्राप्त है।"Zen" दर्शन से वे वर्तमान में जीना सीखते हैं, जिससे चिंता और तनाव बहुत कम हो जाता है।

Minimalism यानी कम चीजों में संतोष – यह मानसिक रूप से हल्का और खुशहाल रखता है।
Forest Bathing है खुशी का राज : जापान के लोग Forest Bathing में बहुत विश्वास रखते हैं। यानी कि जंगल में समय बिताना। जंगल में घूमना, वॉक करना और वहां की नेचुरल चीजों को महसूस करना और इनका आनंद लेना। ये सच में नेचर थेरेपी सा है। 

 साफ-सफाई और पर्यावरण प्रेम : जापान में स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बचपन से ही सिखाई जाती है:स्कूलों में बच्चे खुद सफाई करते हैं, प्लास्टिक का उपयोग बहुत सीमित होता है ,कचरा वर्गीकृत करके फेंकना अनिवार्य होता है ,साफ-सुथरा वातावरण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। सामाजिक जुड़ाव और परिवार से जुड़ाव ,बुजुर्ग जापानियों का समाज से गहरा जुड़ाव होता है


वे पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों को महत्व देते हैं : अकेलापन नहीं होता, जिससे डिप्रेशन जैसी समस्याएँ कम होती हैं यह सामाजिक सुरक्षा और अपनापन उन्हें मानसिक रूप से स्वस्थ बनाए रखता है।


 निष्कर्ष:
जापानियों की जीवनशैली में जो संतुलन है – भोजन, सोच, शारीरिक गतिविधि और मानसिक शांति – वही उनकी दीर्घायु का राज़ है। हम भारतीय भी इनमें से कई आदतें अपनाकर अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं। हमें अपने भोजन, दिनचर्या और सोच को थोड़ा जापानी स्टाइल में ढालने की आवश्यकता है।
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